तभी जिंदगी सच्चे मायनों में जि़ंदा लगती है।”
हमदर्दी न करो मुझसे ऐ मेरे हमदर्द दोस्तों
समझ ती तुम भी ना सके बिना कुछ जानै रिश्ता तौड़ गप।
बगावत के लिए कलेजा चाहिए होता है तलवे चाटने के लिए एक जीभ ही बहुत है.
लोग हमें कहते हैं हम मुस्कुराते बहुत हैं
फ़िराक-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा,
क्योंकि ये शिकायत उसे भी है जिसे ये जिंदगी सब देती है
ज़िन्दगी पर शायरी, जिसे ज़िन्दगी शायरी
अंदाज नहीं था, इतनी गहरी चाहत होगी तुम्हारी,
तुमसे लड़ने के बाद तुम्हारी और ही याद LATEST SHAYARI COLLECTION आती है!
“तेरा साथ हो तो हर मौसम बहार सा लगता है,
तेरी हँसी का इक सिरा मिले तो सुलझ जाते हैं! ✨
अपनी हाथो की उंगलियों को ज़रा सा दिल पर क्या रखा,तेरी यादो की धड़कन धड़कने लगी।
लाइन में होती है ये इश्क़ विश्क सब हूर ।।